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Saturday, 13 January 2018

हर झूठी उम्मीद के साथ

हर झूठी उम्मीद के साथ हर राह पर 
आज भी तुम्हारा  इंतज़ार करती हूँ 

शीरीं मंसूरी "तस्कीन"

Friday, 12 January 2018

क्या करूँ साहिब ?

क्या करूँ साहिब ? रिश्ता मुझे ईमानदारी से निभाना आता है
आप मेरी इस कमजोरी को कमजोरी समझे
तो हाँ साहिब मैं कमजोर ही सही आपकी नजर में....


शीरीं मंसूरी "तस्कीन"    

Thursday, 11 January 2018

इतने सालों में मिले तो थे हम तुम

इतने सालों में मिले तो थे हम तुम
दिल में खुशी थी खुशी पहले जैसी न थी
उस जगह बैठे तो थे हम तुम
मगर तुम तुम न थे मैं मैं न थी
शायद वक़्त ने हम दोनों को बदल दिया
हम दोनों होकर भी वहाँ नहीं थे


शीरीं मंसूरी "तस्कीन"

Wednesday, 10 January 2018

हज़ार मर्तबा लेने के लिए तैयार हूँ

ढेर सारे आँसूओं के साथ जब तुम
मेरे चेहरे पर खिलखिलाती हुई मुस्कान 
दे जाते हो कसम खुद की मैं तुम्हारे दिए
हुए उन हज़ार आँसूओं को
हज़ार मर्तबा लेने के लिए तैयार हूँ
                                 

शीरीं मंसूरी "तस्कीन"

Tuesday, 9 January 2018

लोगों ने सच ही कहा है

लोगों ने सच ही कहा है
वक़्त किसी जा नहीं होता
अब तुम तुम न रहे 
और हम हम न रहे
वक़्त ने हम दोनों को बदल डाला
सच है वक़्त से कोई बड़ा नहीं होता

शीरीं मंसूरी "तस्कीन"

Monday, 8 January 2018

शिकायतें तो बहुत हैं तुमसे

शिकायतें तो बहुत हैं तुमसे
मगर डर लगता है कि कहीं
तुम रूठ न जाओ हमसे....


शीरीं मंसूरी "तस्कीन"

Sunday, 7 January 2018

मेरा कसूर सिर्फ इतना ही तो है

मेरा कसूर सिर्फ इतना ही तो है
कि मैंने तुमसे बेइन्तहा प्यार किया है
इस बात की मुझे इतनी बड़ी सजा मत दो
रहम खाओ मेरे दिल पे अब आ भी जाओ न


शीरीं मंसूरी "तस्कीन"